अमीर खुसरो की बूझ पहेलियाँ ... 2
तो चलिए, इन तीन पहेली के साथ माथापच्ची करते हैं.
खुसरो की बूझ पहेलियों
१) इक मंदिर के सहस्र दर, हर दर में तिरिया का घर
बीच-बीच बाके अमृत ताल, बूझ है इनकी बड़ी महाल
२) एक नार तरुवर से उतारी मा सो जनम न पायो
बाप का नाम जो वासे पुच्यो, आधा नाम बतायो
आधा नाम बतायो, खुसरो कौन देस की बोली
बाका नाम जो पूछा मैंने, अपना नाव नी बोली
३) बाला था तो सबको भाया, बड़ा हुआ कुछ काम न आया
खुसरो कह दिया उसका नाव, अर्थ बिचार्रो नहि छोड़ो गाव
लेबल: अमीर खुसरो, बूझ पहेलियाँ



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