शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2014

अमीर खुसरो की बूझ पहेलियाँ ... 2

आपने पहले बूझो तो जानें पर यहाँ अमीर खुसरो की बूझ पहेलियाँ के कुछ सरल उदाहरणों को बूझने का प्रयास किया होगा। आज तीन थोड़े कठिन बूझ पहेलियाँ आपके लिए प्रस्तुत है.  

तो चलिए, इन तीन पहेली के साथ माथापच्ची करते हैं. 
इन पहेलियों का अर्थ बूझो तो जानें ...



खुसरो की बूझ पहेलियों


१)  इक मंदिर के सहस्र दर, हर दर में तिरिया का घर
      बीच-बीच बाके अमृत ताल, बूझ है इनकी बड़ी महाल 


२)  एक नार तरुवर से उतारी मा सो जनम न पायो
      बाप का नाम जो वासे पुच्यो, आधा नाम बतायो
      आधा नाम बतायो, खुसरो कौन देस की बोली
      बाका नाम जो पूछा मैंने, अपना नाव नी बोली


३)  बाला था तो सबको भाया, बड़ा हुआ कुछ काम न आया
      खुसरो कह दिया उसका नाव, अर्थ बिचार्रो नहि छोड़ो गाव  
इन पहेलियों का उत्तर नहीं दिया जा रहा है. उत्तर इन पहेलियों में ही छिपा है और आपको खुद इन्हें बूझना है.


अपने उत्तर हमें ज़रूर bujhotojaane@gmail.com पर लिख भेजें. 



अमीर खुसरो की अन्य मनोरंजक कृतियाँ - बिन-बूझ पहेलियाँ, बूझ पहेलियाँ, सम्बन्ध पहेली और दो सुखना भी बूझो तो जानें में आपको मिल सकते हैं.

लेबल: ,

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]

<< मुख्यपृष्ठ