मंगलवार, 23 सितंबर 2014

अमीर खुसरो की बिन-बूझ पहेलियाँ - १

आशा है कि आपको अमीर खुसरो की बूझ पहेलियाँ को बूझने में आनंद आया होगा। 

आज हम अमीर खुसरो की कुछ बिन-बूझ पहेलियों आपके लिये लेकर आए हैं।   

ज़रा बूझो तो जानें ...


१) दस नारी का एक ही नर, बस्ती बाहर वाका घर
    पीठ सख्त और पेट नरम मुंह मीठा तासीर गरम
 
२) आधे किये से सबको पाले, मध कटिए से सबको मारे
    अंत कटिए से सबको मीठा, खुसरो वाको आँखों देखा

३) एक नार चातर कहलावे, मुरख को न पास बुलावे
    चातर मरद जो हाथ लगा दे खोल स्तर वह आप दिखा दे
 
खुसरो की अन्य मनोरंजक कृति, बूझ पहेलियाँ, सम्बन्ध पहेली और दो सुखना भी बूझो तो जानें में आपको मिल सकते हैं. तो चलिए, पहले खुसरो की 'बूझ' पहेलियों के साथ माथापच्ची करते हैं. इन पहेलियों का अर्थ बूझो तो जानें ...

इनका उत्तर नीचे है, पर उत्तर देखने से पहले  इन्हें बूझने  का प्रयास ज़रूर कीजियेगा। साथ ही आप सबसे गुजारिश है कि यदि आपकी निगाह में खुसरो की बूझ और बिन-बूझ पहेलियों के मौलिक उदहारण हों तो हमें ज़रूर bujhotojaane@gmail.com पर लिख भेजें. हम उन्हें सहर्ष आपके नाम सहित बूझो तो जानें पर प्रकाशित करेंगे.

उत्तर

१) खरबूजा
२) काजल
३) किताब




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