बुधवार, 22 सितंबर 2010

जुड़वाँ शब्द

जुड़वाँ शब्द उन शब्दों को कहा जाता है जो सामान्यतः एक साथ प्रयोग में आते हैं. इन शब्दों का अपने आप में, अकेले कोई अर्थ नहीं होता. 'कॉव' से शायद कुछ समझ न आये, पर 'कॉव-कॉव' बोलते ही हम समझ जाते हैं कि यह कौवे की बोली है. अधिकतर इस तरह के शब्द ध्वनि बताने वाले शब्द हैं.

चूँकि जुड़वाँ शब्द ध्वनि सूचक शब्द (sound words) हैं, इसलिए इसमें लय है और तुकबंदी (rhyming) की बहुत संभावनाएं. इससे जुड़वाँ शब्दों के खेल का विकास भी हुआ है. इस खेल में बच्चे-बड़े एक दूसरे से सजीव और निर्जीव दोनों की बोली के बारे में पूछ सकते हैं. एक बार जुड़वाँ शब्दों का भण्डार मिल जाय तो हम इनसे कविता भी बना सकते हैं.

बिल्ली -  म्याऊँ-म्याऊँ
कुत्ता - भौं- भौं
गौरैया - चीं-चीं
कौवा - कॉव-कॉव
भौरे - गुन-गुन

दरवाज़े पर दस्तक देना - खट-खट
ऊँचा/तेज/निरंतर या बिना मतलब के बोले जाना - बड़-बड़
तेज़ हवा का बहना - सन-सन या सर-सर
पर्वतीय क्षेत्र में पानी का बहना - झर-झर
पक्षी का उड़ना - फर-फर

दांत - कट-कट
तारे - टिम-टिम
सिक्कों की आवाज़ - खन-खन
हुक्का - गुड-गुड
ढोल - ढम-ढम
डमरू - डुग-डुग

ध्वनि शब्दों के अलावा भी कुछ जुड़वाँ शब्द क्रिया (कुछ करने से जो होता है) बताने वाले शब्द भी है. जैसे बॉल ज़मीन पर धम-धम कर गिरती है, रेल छुक-छुक कर चलती है या लट्टू गोल-गोल घूमता है, इत्यादि.  हैं न यह मनोरंजक शब्द के भंडार की शुरुआत.

इस बार बूझो तो जानें नहीं, बल्कि खोजो और लिख भेजो...तो चलें, इस सूची में भारत की सब भाषाओँ से शब्द जोड़ें और जुड़वाँ शब्दों का भंडार बनायें...

इस खोज में मज़ा और भी आएगा जब भारतीय भाषा के ध्वनि शब्द के अंग्रेजी equivalent भी साथ में लिख भेजें...
 
लिख भेजो तो जानें...

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1 टिप्पणियाँ:

यहां 15 जून 2015 को 10:09 am बजे, Blogger Uday Singh Tundele ने कहा…

ढेंचू ... ढेंचू .... ! ;)

 

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