मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015

संबंध पहेली या नए दो-सुखना

क्या आपको पहेलियाँ अच्छी लगती हैं? क्या आपको पहेलियों के उत्तर बूझने-बुझाने में आनंद मिलता है? बूझो तो जानें द्वारा मेरा उद्देश्य है कि आपका मनोरंजन भी हो, ज्ञानवर्द्धन भी और पहेली के माध्यम से किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving aptitude) बढ़ाने करने में सहायक हो। 

इस कड़ी में आज की चर्चा का विषय दो-सुखना है। शायद आपका दो-सुखना से परिचय हो या फिर आप इनसे पहली बार मिल रहें हो! जो भी हो, जानिये इस अनोखी शब्द-जाल पहेली को और बूझिए इन पहेलियों के उत्तर!  

दो-सुखना में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। उनके बीच का संबंध या समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है जो क्रिया के रूप में प्रयुक्त होता है जो उन दो अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है।     

अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) ने अनेक नयी विधाओं का आविष्कार किया जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। इन्हीं में पहेलीनुमा का एक शब्द-जाल है दो-सुखना। खुसरो के दो-सुखना के बारे में अधिक जानने के लिए अथवा खुसरो द्वारा रचित दो-सुखना बूझने के लिए दो-सुखना या संबंध पहेली पोस्ट देखें। 


दो-सुखना को पारम्परिक परिभाषा के आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः दो-सुखना प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है। जो भी हो, इन प्रश्नों में पारम्परिक पहेली जैसा ही आनंद है।

एक और बात। हिंदी में आम बोलचाल की भाषा के अनुरूप, दो-सुखना के मूल तत्त्व को बताने वाला सबसे उपयुक्त शब्द 'संबंध' है। इसीलिए, खुसरो की इस विधा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए हम दो-सुखना को 'संबंध पहेली' भी कह सकते है।

तो आइये, दो-सुखना पर आधारित समसामयिक संबंध पहेली बूझते हैं। मैं इन पहेली प्रश्नों के उत्तर नहीं दे रहा। ज़रा, बूझो तो जानें…  


१) फरमान क्यों न भेजी? हाथी क्यों न खरीदा?

२) छत किराये पर क्यों न चढ़ी? बारिश में क्यों भींगे?

३) घाव क्यों बढ़ा? अंडा क्यों न खाया?

४) ताश क्यों न खेली? चौकीदार क्यों न तैयार हुआ?

५) मंदिर में पूजा पूरी क्यों न हुई? खोमचेवाला क्यों न आया?

६) बाप बेटे से क्यों नाराज़? घर देखने में क्यों फीका?

७) नाँव क्यों न रोकी? धोबी ने कपड़े क्यों न धोये?

८) मकान क्यों गिरा? लड़का क्यों फेल हुआ?

९) तलवार क्यों न बनाई? स्कूल क्यों न चला?

१०) किवाड़ क्यों न बंद की? अनाज़ क्यों न तौला?

११) सड़क पर क्यों चले? रेल क्यों न आई?

***

कितने पहेली प्रश्नों के उत्तर बूझ पाए आप! चलिए आपको इन पहेलियों के उत्तर देता हूँ:

१) 'लाख' न था। फरमान बंद करने के लिए लाख नहीं था और हाथी खरीदने के लिए लाख रूपये नहीं थे।

२) 'बरसाती' न थी। छत पर कोई कमरा (बरसाती) नहीं थी और बारिश से बचने के लिए कोई बरसाती (raincoat) नहीं थी।

३) 'फोड़ा' न था। घाव इसलिए बढ़ा क्योंकि समय पर उसे फोड़ा नहीं था और अंडा इसलिए नहीं खाया क्योंकि उससे कुछ बनाने से पहले उसे फोड़ा नहीं था।

४) 'फेंटा' न था। ताश का खेल खेलने से पहले गड्डी को फेंटा नहीं था। चौकीदार इसलिए तैयार नहीं हुआ क्योंकि सिर पर साफा बांधने के लिए उसके फेंटा (कपडे का छोटा टुकड़ा) नहीं था।

५) 'फेरी' न थी। मंदिर में पूजा इसलिए पूरी न हुई क्योंकि पूजा के बाद मंदिर की परिक्रमा (फेरी; going round; circumambulation) नहीं की थी। खोमचेवाले के पास सामान रखने के लिए फेरी नहीं थी इसलिए वह नहीं आया।

६) 'पोता' न था। बाप अपने बेटे से इसलिए नाराज़ हुआ क्योंकि उसके लड़के का कोई लड़का (उसका पोता) नहीं था; और घर देखने में फीका लग रहा था क्योंकि उसे रंग से पोता नहीं था।

७) 'घाट' न था। नाँव रोकने के लिए नदी पर कोई घाट नहीं था और कपड़े धोने के लिए धोबी के पास भी कोई घाट नहीं था। 

८) 'बुनियाद' न थी। मकान बिना बुनियाद (foundation) के बनाई थी इसलिए गिर गयी और लड़का इसलिए फेल हुआ क्योंकि उसकी ज्ञान की बुनियाद (rudiments of knowledge) कमज़ोर थी।  

९) 'उस्ताद' न था। तलवार बनाने के लिए उस्ताद (master craftsman) नहीं था और स्कूल चलाने  उस्ताद (teacher) नहीं थे।   

१०) 'पल्ला' न था। किवाड़ के दो की जगह एक ही पल्ला था इसलिए वह बंद नहीं हो सकता था और अनाज़ इसलिए नहीं तौला जा सका क्योंकि तराज़ू का एक ही पल्ला था।  

११) पटरी न थी। सड़क पर चलने के लिए फूटपाथ या पटरी नहीं थी और रेलगाड़ी इसलिए नहीं आयी क्योंकि रेल की पटरी (railway line) नहीं थी।   

***

अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा। अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते पर भेजें: bujhotojaaneATgmailDOTcom   


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