रविवार, 18 अक्टूबर 2015

संबंध पहेली या नई निस्बतें

क्या आपको पहेलियाँ बूझने-बुझाने में आनंद मिलता है? बूझो तो जानें द्वारा मेरा उद्देश्य है कि मैं आपके सामने नयी-पुरानी हर तरह की पहेली प्रस्तुत करूँ। इन पहेलियों से हम सबका दिमागी कसरत भी हो और मनोरंजन भी।  

इस कड़ी में आज की चर्चा का विषय अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) द्वारा बनाई गयी निस्बतों पर आधारित नई निस्बतें। यदि निस्बतें आपके लिए एकदम नई प्रकार की पहेली हैं तो निस्बतों के बारे में जानने के लिए और खुसरो द्वारा रचित निस्बतों को बूझने के लिए निस्बतें या संबंध पहेली पोस्ट देखें। 


अरबी से आये 'निस्बत' शब्द का अर्थ है 'तुलनाया 'संबंध'। अंग्रेजी में कहें तो 'similar' या 'common'। निस्बत में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में एक प्रश्न पूछा जाता है। इनका उत्तर इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है। किसी भी शब्द के सामान्यतः कई अर्थ होते हैं। उस शब्द का अर्थ अथवा प्रयोग उन अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। यही निस्बतों का आधार है।    

निस्बतें भी दो-सुखना की तरह शब्द-जाल पहेली है। पारम्परिक परिभाषा में इन्हें पहेली नहीं कह सकते हैं। चिस्तान की तरह मूलतः निस्बतें और दो-सुखना भी प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है। अंग्रेजी में निस्बत का समतुल्य 'what is the similarity between' वाले riddle प्रश्न हैं। 


खुसरो ने बहुत सारी निस्बतों की रचना की थी, पर बदले हुए समय में सब निस्बतें प्रासंगिक नहीं हैं। कारण यह है कि खुसरो की अधिकतर निस्बतें ऐसे शब्दों पर आधारित हैं जो आज प्रचलित नहीं हैं तो चलिए, निस्बत को समसामयिक बनाया जाय और खुसरो की परंपरा को अक्षुण्ण रखा जाय।  

हिंदी में आम बोलचाल की भाषा के अनुरूप, निस्बतों के मूल तत्त्व को बताने वाला सबसे उपयुक्त शब्द 'संबंध' है। इसीलिए, खुसरो की इस विधा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए हम निस्बतों को 'संबंध पहेली' भी कह सकते है। 

नीचे प्रस्तुत हैं कुछ नई निस्बतें। ज़रा बूझो तो जानें…  


१) मकान और क्रिकेट में क्या संबंध है?

२) बीमार और बंदूक में क्या संबंध है?


३) पेड़ और बैंक में क्या संबंध है? 
४) भारतीय कैलेंडर के एक महीने और पति के बड़े भाई में क्या संबंध है?

५) बड़े एवं आलीशान मकान और पश्चिम बंगाल में क्या संबंध है?

६) प्रश्न और दिशा में क्या संबंध है? 

७) माँ और चेचक (smallpox) में क्या संबंध है? 

८) पुलिस और मंदिर में क्या संबंध है? 

९) धान की खेती के ज़मीन और हाथ से बने कपड़े में क्या संबंध है? 

१०) अकड़ना और जकड़ना में क्या संबंध है? 

११) मन को आनंद पहुँचाने वाला और भगवान गणेश के चढ़ावे में क्या संबंध है? 

१२) बच्चे के जन्म के बाद उसके पहले उत्सव और माँ दुर्गा में क्या संबंध है? 

१३) क्रिकेट और लूडो में क्या संबंध है?
    
१४) बीते हुए समय और दिशा में क्या संबंध है? 

१५) पेड़ और ताश की गड्डी में क्या संबंध है?

१६) ऋण और फिरौती में क्या संबंध है?

अच्छा तो आप कितने संबंध पहेली बूझ पाये। चलिए, आपको इनका उत्तर बूझते हैं:

१) चौका। मकान में चौका (रसोईघर) होता है और क्रिकेट में चार रन को चौका कहते हैं।

२) गोली। बीमार को ठीक होने के लिए दवाई की गोली चाहिए; बंदूक को चलने के लिए गोली चाहिए।

३) शाखायें। पेड़ और बैंक दोनों की शाखायें होती हैं। 

४) जेठ।

५) बंगला।एक बड़े और आलीशान मकान को बंगला भी कहते हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्य भाषा का नाम भी 
बंगला है।

६) उत्तर। यदि प्रश्न पूछा है तो उसका जवाब या answer या उत्तर तो देना ही पड़ेगा; और उत्तर दिशा में ध्रुव तारा ही रात के समय आपको दिशा दिखाता है।  

७) माता। जैसे माँ का एक सम्बोधन माता है वैसे ही चेचक को एक समय में माता भी कहते थे। 

८) चौकी। पुलिस स्टेशन को भारत में चौकी कहते हैं; किसी मंदिर या साधु-संत की गद्दी को भी चौकी कहते हैं। 

९) खादर। 

१०) ऐंठ। यदि अकड़ में ऐंठ (arrogance /obstinacy) है तो जकड़ में भी ऐंठ (tightening, stiffness) है।  

११) मोदक। जो खुशी या खुशी का कारण बनता है उसे मोदक कहते हैं; और भगवान गणेश के चढ़ावे को भी मोदक (एक प्रकार का लड्डू) कहते हैं।

१२) षष्टी। 

१३) छक्का। दोनों में छक्का सबसे बड़ा अंक पाने के लिए होता है।क्रिकेट में बल्लेबाज़ छ रन मार सकता है और लूडो के पासे में चाल चलने के लिए छ आ सकता है।  
    
१४) पूर्व।  

१५) पत्ते। पेड़ में पत्ते होते हैं और ताश की गड्डी में भी चार अलग रंग के ५२ पत्ते होते हैं। 

१६) बंधक। बंधक (security) होगा तब ही ऋण मिलता है और किसीको बंधक (hostage) बनाने पर ही फिरौती मिलती है।


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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015

संबंध पहेली या नए दो-सुखना

क्या आपको पहेलियाँ अच्छी लगती हैं? क्या आपको पहेलियों के उत्तर बूझने-बुझाने में आनंद मिलता है? बूझो तो जानें द्वारा मेरा उद्देश्य है कि आपका मनोरंजन भी हो, ज्ञानवर्द्धन भी और पहेली के माध्यम से किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving aptitude) बढ़ाने करने में सहायक हो। 

इस कड़ी में आज की चर्चा का विषय दो-सुखना है। शायद आपका दो-सुखना से परिचय हो या फिर आप इनसे पहली बार मिल रहें हो! जो भी हो, जानिये इस अनोखी शब्द-जाल पहेली को और बूझिए इन पहेलियों के उत्तर!  

दो-सुखना में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। उनके बीच का संबंध या समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है जो क्रिया के रूप में प्रयुक्त होता है जो उन दो अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है।     

अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) ने अनेक नयी विधाओं का आविष्कार किया जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। इन्हीं में पहेलीनुमा का एक शब्द-जाल है दो-सुखना। खुसरो के दो-सुखना के बारे में अधिक जानने के लिए अथवा खुसरो द्वारा रचित दो-सुखना बूझने के लिए दो-सुखना या संबंध पहेली पोस्ट देखें। 


दो-सुखना को पारम्परिक परिभाषा के आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः दो-सुखना प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है। जो भी हो, इन प्रश्नों में पारम्परिक पहेली जैसा ही आनंद है।

एक और बात। हिंदी में आम बोलचाल की भाषा के अनुरूप, दो-सुखना के मूल तत्त्व को बताने वाला सबसे उपयुक्त शब्द 'संबंध' है। इसीलिए, खुसरो की इस विधा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए हम दो-सुखना को 'संबंध पहेली' भी कह सकते है।

तो आइये, दो-सुखना पर आधारित समसामयिक संबंध पहेली बूझते हैं। मैं इन पहेली प्रश्नों के उत्तर नहीं दे रहा। ज़रा, बूझो तो जानें…  


१) फरमान क्यों न भेजी? हाथी क्यों न खरीदा?

२) छत किराये पर क्यों न चढ़ी? बारिश में क्यों भींगे?

३) घाव क्यों बढ़ा? अंडा क्यों न खाया?

४) ताश क्यों न खेली? चौकीदार क्यों न तैयार हुआ?

५) मंदिर में पूजा पूरी क्यों न हुई? खोमचेवाला क्यों न आया?

६) बाप बेटे से क्यों नाराज़? घर देखने में क्यों फीका?

७) नाँव क्यों न रोकी? धोबी ने कपड़े क्यों न धोये?

८) मकान क्यों गिरा? लड़का क्यों फेल हुआ?

९) तलवार क्यों न बनाई? स्कूल क्यों न चला?

१०) किवाड़ क्यों न बंद की? अनाज़ क्यों न तौला?

११) सड़क पर क्यों चले? रेल क्यों न आई?

***

कितने पहेली प्रश्नों के उत्तर बूझ पाए आप! चलिए आपको इन पहेलियों के उत्तर देता हूँ:

१) 'लाख' न था। फरमान बंद करने के लिए लाख नहीं था और हाथी खरीदने के लिए लाख रूपये नहीं थे।

२) 'बरसाती' न थी। छत पर कोई कमरा (बरसाती) नहीं थी और बारिश से बचने के लिए कोई बरसाती (raincoat) नहीं थी।

३) 'फोड़ा' न था। घाव इसलिए बढ़ा क्योंकि समय पर उसे फोड़ा नहीं था और अंडा इसलिए नहीं खाया क्योंकि उससे कुछ बनाने से पहले उसे फोड़ा नहीं था।

४) 'फेंटा' न था। ताश का खेल खेलने से पहले गड्डी को फेंटा नहीं था। चौकीदार इसलिए तैयार नहीं हुआ क्योंकि सिर पर साफा बांधने के लिए उसके फेंटा (कपडे का छोटा टुकड़ा) नहीं था।

५) 'फेरी' न थी। मंदिर में पूजा इसलिए पूरी न हुई क्योंकि पूजा के बाद मंदिर की परिक्रमा (फेरी; going round; circumambulation) नहीं की थी। खोमचेवाले के पास सामान रखने के लिए फेरी नहीं थी इसलिए वह नहीं आया।

६) 'पोता' न था। बाप अपने बेटे से इसलिए नाराज़ हुआ क्योंकि उसके लड़के का कोई लड़का (उसका पोता) नहीं था; और घर देखने में फीका लग रहा था क्योंकि उसे रंग से पोता नहीं था।

७) 'घाट' न था। नाँव रोकने के लिए नदी पर कोई घाट नहीं था और कपड़े धोने के लिए धोबी के पास भी कोई घाट नहीं था। 

८) 'बुनियाद' न थी। मकान बिना बुनियाद (foundation) के बनाई थी इसलिए गिर गयी और लड़का इसलिए फेल हुआ क्योंकि उसकी ज्ञान की बुनियाद (rudiments of knowledge) कमज़ोर थी।  

९) 'उस्ताद' न था। तलवार बनाने के लिए उस्ताद (master craftsman) नहीं था और स्कूल चलाने  उस्ताद (teacher) नहीं थे।   

१०) 'पल्ला' न था। किवाड़ के दो की जगह एक ही पल्ला था इसलिए वह बंद नहीं हो सकता था और अनाज़ इसलिए नहीं तौला जा सका क्योंकि तराज़ू का एक ही पल्ला था।  

११) पटरी न थी। सड़क पर चलने के लिए फूटपाथ या पटरी नहीं थी और रेलगाड़ी इसलिए नहीं आयी क्योंकि रेल की पटरी (railway line) नहीं थी।   

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अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा। अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते पर भेजें: bujhotojaaneATgmailDOTcom   


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रविवार, 5 सितंबर 2010

दो-सुखना या संबंध पहेली

विलक्षण प्रतिभा के धनी और अपने समय में सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के लिए अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) ने एक नयी भाषा, नयी सोच को जन्म दिया। अपनी बात को सहजता से आम लोगों तक पहुँचाने के लिए खुसरो ने विभिन्न भाषाओँ से शब्द लिए और अनेक नयी विधाओं का भी आविष्कार किया। 'दो-सुखना' भी उन्हीं में से एक है।  

खुसरो ने 'सुखन' शब्द फारसी भाषा से लिया है। 
'सुखनका 
अर्थ है 'कथन' या ' वार्ता'। दो-सुखना का अर्थ है, दो कथनों में कही गयी एक ही बात  जिसका उत्तर एक ही है।

दो-सुखना में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। उनके बीच का संबंध या, यूँ कहें तो, समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है जो क्रिया के रूप में प्रयुक्त होता है जो उन दो अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। यही दो-सुखना का आधार है।    

दो-सुखना को, निस्बत को एवं फारसी से आये चिस्तान (वह कौन-सी चीज़ है, वह कौन है, वह क्या है, वह क्या है, वह कौन-सा, वह कौन-सी… पर आधारित प्रश्न) को, पारम्परिक परिभाषा के

आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः अमीर खुसरो की देन - दो-सुखना एवं निस्बत, और चिस्तान, प्रश्न पर आधारित बुझौवल हैं। अंग्रेजी में दो-सुखना का कोई समतुल्य riddle प्रश्न नहीं है। 

जो भी हो, इन प्रश्नों पर आप और हम माथापच्ची करते हैं, दिमागी कसरत करते-करवाते हैं और 

ठीक उसी तरह इन नयी प्रकार की पहेलियों का उत्तर खोजने का प्रयास करते हैं जैसे पहेली बूझने में। 

दो-सुखना से मनोरंजन होता है और ज्ञान-वर्द्धन भी - शब्द सम्पदा बढ़ती है और एक शब्द के विभिन्न अर्थों/प्रयोगों से परिचय होता है। इस तरह के पहेली प्रश्न समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving aptitude) को विकसित करने में सहायक होते हैं। 

तो आइये, खुसरो द्वारा बनाई गई दो-सुखनों से मिलते हैं। दो-सुखना को लोकप्रिय बनाने के लिए
खुसरो द्वारा रचित दो-सुखना पहेलियाँ उत्तर सहित नीचे दी गई हैं: 

१) रोटी जली क्यों? घोडा अड़ा क्यों?
- 'फेरा' न था। रोटी को पलटा नहीं था और घोड़े को मोड़ा नहीं था।

२) समोसा क्यों न खाया? जूता क्यों न चढ़ाया?
- 'तला' न था। समोसे को तेल में तला नहीं था और जूते के नीचे वाला हिस्सा नहीं था। 

३) रोटी क्यों सूखी? बस्ती क्यों उजड़ी?
- 'खाई' न थी। रोटी बिना खाये रह गयी थी और बस्ती के चारों ओर सुरक्षा के लिये खाई नहीं थी। 

४) सितार क्यों न बजा? औरत क्यों न नहाई? 
- 'पर्दा' न था। सितार के डाँड पर धातु के मोटे तार या ताँत से बँधे रहते हैं जिन्हें पर्दा कहते हैं। इसके बिना सितार नहीं बज सकता। औरत के पास नहाने के लिये कपड़े का पर्दा या ओट नहीं था। खुसरो के समय औरतें पर्दा लगा कर नहाती थीं।

५) पानी क्यों न भरा? हार क्यों न पहना?
- 'घड़ा' न था। पानी रखने के लिये बर्तन नहीं था और हार तैयार नहीं हुआ था।  

६) घर क्यों अँधियारा? फकीर क्यों बिगड़ा?
- 'दिया' न था। घर में दीपक नहीं था और फकीर को कुछ भिक्षा (भीख) नहीं दी थी। 

७) राही प्यासा क्यों? गधा उदासा क्यों?
- 'लोटा' न था। राही (मुसाफिर) इसलिए प्यासा था क्योंकि उसके पास पानी पीने के लिये बर्तन (लोटा)
नहीं था। गधा इसलिए उदास था क्योंकि वह ज़मीन पर 'लोटा' नहीं था - उसने घास पर लोटपोट नहीं किया था

८) दीवार क्यों टूटी? राह क्यों लूटी?
- 'राज' न था। दीवार बनाने वाला राज मिस्त्री नहीं था. राज्य व्यवस्था नहीं होने के कारण राहों पर सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं था।  

९) घोड़ा क्यों अड़ा? पान क्यों सड़ा? 
- 'मोड़ा' न था। घोड़े को घुमाया-फिराया नहीं था और पान को पलटा नहीं था।

१०) जोगी क्यों भागा? ढोलकी क्यों न बजी? 
- 'मढ़ी' न थी। जोगी के रहने के लिए झोंपड़ी (मढ़ी) या कुटी न थी और ढोल पर चमड़ा नहीं चढ़ाया (मढ़ी) गया था।

११) गोश्त क्यों न खाया? डोम क्यों न गाया? 
- 'गला' न था। मांस ठीक से पका नहीं था - कच्चा था, गला नहीं था - इसलिए नहीं खाया। डोम के पास गाने के योग्य गला नहीं था।

१२) अनार क्यों न चखा? वज़ीर क्यों न रखा?
- 'दाना' न था। अनार के अंदर दाना नहीं निकला। वज़ीर इसलिए नहीं रखा क्योंकि कोई बुद्धिमान व्यक्ति नहीं मिला। 

१३) पोस्ती क्यों रोया? चौकीदार क्यों सोया? 
- 'अमल' न था. अफीम का नशा करने वाले पोस्ती के पास नशा करने के लिए अफीम नहीं था। चौकीदार इसलिए सोया क्योंकि उस समय उसके पहरे का समय नहीं था। 

१४) दही क्यों न जमा? नौकर क्यों न रखा? 
- 'जामिन' न था। दही जमाने के लिए जामिन नहीं था। नौकर के लिए कोई ज़मानत देने वाला नहीं था।       


१५) ब्राह्मण क्यों नहीं नहाया? धोबन क्यों पिटी?
- 'धोती' न थी। नहाकर पहनने के लिए धोती न थी, इसलिए ब्राह्मण नहीं नहा पाया। धोबिन कपड़ों को नहीं धोती थी।


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अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच दो-सुखना संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी इस तरह के संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा।  अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते  पर भेजें - bujhotojaaneATgmailDOTcom   


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यह पोस्ट ५ सितंम्बर २०१० में लिखे दो-सुखना पोस्ट का संशोधित एवं परिवर्द्धित संस्करण है जिसमें १३ अक्टूबर २०१५ को परिवर्तन किया गया है। 

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गुरुवार, 12 अगस्त 2010

निस्बतें या संबंध पहेलियाँ

विलक्षण प्रतिभा के धनी और अपने समय में सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के लिए अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) ने एक नयी भाषा, नयी सोच को जन्म दिया। अपनी बात को सहजता से आम लोगों तक पहुँचाने के लिए खुसरो ने विभिन्न भाषाओँ से शब्द लिए और अनेक नयी विधाओं का भी आविष्कार किया। निस्बत भी उन्हीं में से एक है।  

खुसरो ने 'निस्बत' शब्द अरबी भाषा से लिया है। इसका अर्थ है 'तुलना' या 'संबंध'। अंग्रेजी में कहें तो 'similar' या 'common'।    

निस्बत में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बीच में संबंध, तुलना या समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है। किसी भी शब्द के सामान्यतः कई अर्थ होते हैं। उस शब्द का अर्थ अथवा प्रयोग उन अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। यही निस्बतों का आधार है।    

निस्बत को, एवं फारसी से आये चिस्तान (वह कौन-सी चीज़ है, वह कौन है, वह क्या है, वह क्या है, वह कौन-सा, वह कौन-सी… पर आधारित प्रश्न) को, पारम्परिक परिभाषा के आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः अमीर खुसरो की देन - निस्बतें एवं दो सुखना, और चिस्तान, प्रश्न पर आधारित बुझौवल हैं। अंग्रेजी में निस्बत का समतुल्य what is the similarity between वाले riddle प्रश्न हैं। 


जो भी हो, इन प्रश्नों पर आप और हम माथापच्ची करते हैं, दिमागी कसरत करते-करवाते हैं और ठीक उसी तरह इन नयी प्रकार की पहेलियों का उत्तर खोजने का प्रयास करते हैं जैसे पहेली बूझने में। निस्बतों से मनोरंजन होता है और ज्ञान-वर्द्धन भी - शब्द सम्पदा बढ़ती है और एक शब्द के विभिन्न अर्थों/प्रयोगों से परिचय होता है। इस तरह के पहेली प्रश्न समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving aptitude) को विकसित करने में सहायक होते हैं। 

तो आइये, पहले खुसरो द्वारा बनाई गई निस्बतों से मिलते हैं। चूँकि निस्बतें आज बहुत लोकप्रिय नहीं हैं, इसलिए खुसरो की निस्बत पहेलियाँ उत्तर सहित नीचे दी गई हैं: 

१) आदमी और गेहूं में क्या निस्बत है? 
- 'बाल'। आदमी के सिर पर बाल होते हैं और खेत में उगे गेहूं के भी बाल होते हैं।
२) बादशाह और मुर्ग में क्या निस्बत है? 
- ताज। बादशाह ताज (राजमुकुट) धारण करता है और मुर्गे के सिर पर भी ताज (कलंगी)  होता है।

३) मकान और पायजामे में क्या निस्बत है? 
- मोरी। मकान में नाली को मोरी कहते हैं और पायजामे में नीचे की घेर (मोहरी) को भी मोरी कहते हैं। 
४) कपड़े और नदी में क्या निस्बत है? 
- पाट। कपड़े और नदी दोनों की ही चौड़ाई को पाट कहते हैं।

५) आम और जेवर में क्या निस्बत है? 
- कीरी। कीरी उस आम को कहते हैं जिस पर पत्ते का दाग लगने से कुछ भाग काला हो जाता है।दूसरी ओर कीरी एक गहने का भी नाम है जो हाथ में पहना जाता है। 

६) जानवर और बन्दूक में क्या निस्बत है? 
- घोड़ा। घोड़ा एक प्रकार का जानवर है तो वहीं बन्दूक का वह भाग जिसको दबाने से गोली चलती है उसे घोड़ा कहते हैं।

७) मकान और कपड़े में क्या निस्बत है?

- लट्ठा। मकान बनाने में लट्ठा लगता है और एक प्रकार का कपडा लट्ठा होता है।  

८) गोटे और आफ़ताब (सूर्य) में क्या निस्बत है?

- किरन। गोटे किनारी की झालर को किरन कहते हैं और सूर्य की किरण। 

९) गहने और दरख़्त (पेड़) में क्या निस्बत है?

- पत्ता। पत्ते जैसा एक गहना जो कानों में पहना जाता था और पेड़ का पत्ता। 

१०) मकान और अनाज में क्या निस्बत है?

- कंगनी। मकान की छत के नीचे उसकी सुंदरता बढ़ाने के लिए बनाई गयी लकीर और एक तरह का चावल जिसे कंगनी कहते हैं।         

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निस्बतें हैं न मज़ेदार। इन पहेलियों को बूझने की गूढ़ बात समझ गए तो… 

अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच इस संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी निस्बत संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा।  अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते  पर भेजें - bujhotojaaneATgmailDOTcom   

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यह पोस्ट १२ अगस्त २०१० में लिखे निस्बतें पोस्ट का संशोधित एवं परिवर्द्धित संस्करण है जिसमें १३ अक्टूबर २०१५ को परिवर्तन किया गया है । 

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