क्या पहेली आपकी जीवन बीमा (life insurance) बन सकती है?
क्या पहेली आपकी जीवन बीमा (life insurance) बन सकती है?
इस पहेली प्रश्न का उत्तर है - हाँ!
अब आप पूछेंगे वह कैसे? मैं बताता हूँ।
आप पूछेंगे कि इन प्रतियोगी परीक्षाओं और पहेली में क्या संबंध है? किसी भी कम्पेटिटिव इग्ज़ैम और पहेली में गहरा और परिपूरक संबंध है। लैला-मजनू, सीरी-फ़रहाद, रोमीओ-जूलीएट की तरह ही परीक्षा और पहेली का संबंध है!
चकरा गए। मैं आपसे कुछ और सवाल पूछता हूँ। पहेली क्या करती है? पहेली का मुख्य उद्देश्य क्या है? चलिए मैं आपको multiple choice question (MCQ) की भाँति कुछ विकल्प देता हूँ:
क) पहेली मनोरंजन और टाइमपास का साधन है।
ख) पहेली छकने-छकाने के काम आता है।
ग) पहेली से हमारी दिमाग़ी कसरत होती है क्योंकि पहेली में पूछे गए प्रश्न का उत्तर ढूँढने के लिए हमें सोचना पड़ता है।
घ) तीनों विकल्प सही हैं।
आपको क्या लगता है? मुझे तो अंतिम विकल्प (घ) ही सही लग रहा है।
पहेली से जो टाइमपास और बच्चे-बड़े सबका मनोरंजन होता है उससे पहेली में छिपे गूढ़ तत्त्व को हम भूल जाते हैं। पहेली की विशेषता क्या है? पहेलियाँ हमें बिना बताए हर हमको सोचने के लिए विवश करती हैं। कोई भी व्यक्ति बिना सोचे-समझे-जाने पहेली का उत्तर नहीं दे सकता है। बिना दिमाग़ी घोड़े दौड़ाए उत्तर ढूँढ पाना थोड़ा कठिन होता है।
पहेली हमारे सामान्य ज्ञान, भाषा और संस्कृति का ज्ञान, शब्द ज्ञान, अपने आसपास के परिवेश का ज्ञान, अपनी अवलोकन शक्ति (observation capability) एवं सबसे महत्वपूर्ण बात - हमारी समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving capability) को परखता है। साथ ही, पहेली हमें विभिन्न संभावित दिशाओं में सोचने लिए मजबूर करता है। पहेली हमारी चिंतन क्षमता में दक्षता लाती है एवं विभिन्न प्रकार की पहेलियाँ हमारे general mental ability को बढ़ाने में सहायक होती है।
हर प्रतियोगिता परीक्षा का उद्देश्य भी यह है कि वह ऐसे परीक्षार्थियों का चयन करे जिनमें समस्या को सुलझाने की क्षमता हो और जो अपने आसपास के परिवेश के हर पहलू से परिचित हो।
पहेली बूझने-बुझाने और पहेली बनाने से हमारा बौधिक विकास होता है। पहेली में निहित प्रश्न को समझना हमारे comprehension capability को बढ़ाती है। साथ ही हमारी तार्किक सोच (logical reasoning) और analytical ability भी बढ़ती है।
अन्य लोगों से पहेलियों के उत्तर बूझने-बुझाने के खेल में अनायास ही हमारा interpersonal और communication skill का भी विकास होता है।
चाहे पारम्परिक चार पंक्तियों वाली नयी-पुरानी कवितामयी पहेली हों अथवा शब्दों पर आधारित पहेली प्रश्न (खुसरो की निस्बतें और दो-सुखना और उनके नवीन रूप; खुसरो और भारतेन्दु की कह-मुकरियाँ; चिस्तान) हों अथवा शब्द-जाल हों अथवा गणित की पहेलियाँ हों - ये सभीं हमें उत्तर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं। और इस तरह बिना हमें बताए हमें बौद्धिकता देती हैं और हमें आने वाले जीवन के लिए तैयार करती हैं।
यह तो है पहेली और परीक्षा में सफलता और तैयारी का संबंध! पर इससे आपका या आपके आसपास के बच्चों-किशोरों या आपके छात्रों का जीवन बीमा कैसे होगा? जैसे बीमा द्वारा अपने जीवन को सुरक्षित रखने के आप नियमपूर्वक अपनी पॉलिसी में निवेश करते हैं और जैसे जितनी कम उम्र में आप अपना जीवन बीमा करवाकर उससे अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, ठीक उसी तरह हर प्रकार की पहेली एवं क्विज़ इत्यादि के सवाल के उत्तर जितनी कम उम्र से और जितनी अधिक मात्रा में निरंतर बूझते-सुलझाते रहें उतना ही आप अपने भविष्य को सुदृढ़ और सुनिश्चित कर पाएँगे।
तो अब आप कहें कि पहेली आपके लिए जीवन बीमा बन सकती है या नहीं?
क्या आप पहेली और जीवन बीमा के इस संबंध से सहमत हैं? अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजें। हमारा ईमेल है bujhotojaaneATgmailDOTcom


