बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

गोपू की कुछ और सरल पहेलियाँ

क्या आप गोपू को नहीं जानते? अरे, वह भी आपके-मेरे जैसा पहेलियों का शौक़ीन है! यदि हम अपनी बिरादरी के लोगों को नहीं जानें-पहचाने तो पहेलियाँ आगे कैसे बढ़ेंगी? 

चलिए, मैं आपको गोपू के बारे में बताता हूँ। उन्नीस-बीस वर्ष का यह युवक मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ शहर के एक छोटे कसबे में रहता है। परिस्थितिवश वह ज़्यादा पढ़-लिख तो नहीं पाया, पर गोपू बहुत बुद्धिमान है। उसका ज्ञान का खज़ाना गूगल से भी सटीक और व्यस्थित है। न केवल अपने शहर बल्कि आसपास के क्षेत्र के बच्चे-किशोर अपने गोपू दादा को बहुत प्यार करते हैं। 

गोपू को नित्य कुछ नया जानना-सीखना पसंद है। साथ ही उसे बच्चे-बड़े सबके लिए नई पहेलियाँ बनाने का शौक भी है। उसके इस शौक ने उसे इतना लोकप्रिय बना दिया कि महाशय संजय रावत ने गोपू की कहानी ही लिख डाली। हमारे गोपू पहेली बूझो और बनाओ पुस्तक के हीरो हो गए। टीकमगढ़ और आसपास के इलाके में गोपू बॉलीवुड फिल्मों की मशहूर खान तिकड़ी - शाहरुख़-सलमान-आमिर - से कम बड़े हीरो नहीं हैं!

पर गोपू हैं बड़े शर्मिले। अपनी कहानी अपनी ज़बानी नहीं कहते। औरों तरह उन्हें अपने मुँह मियाँ मिट्ठू मुहावरे को सही सिद्ध करने का कोई शौक नहीं। श्रीमान संजय को इसीलिए पहेली बूझो और बनाओ द्वारा गोपू की कहानी को विश्व के सामने लाना पड़ा। इतनी ख्याति के बाद भी गोपू नहीं बदले। उन्होंने अपनी कुछ नई सरल पहेलियाँ श्रीमान संजय द्वारा मेरे पास भेजीं हैं। बच्चों के लिए यह पहेलियाँ रिश्तों/रिश्तेदारों पर आधारित हैं। गोपू की इन पहेलियों को बूझो तो जानें...


१) 
कभी माँ है, कभी है बहना 
पत्नी रूप में क्या कहना 
दुनिया में जो हमको लाती 
बूझो भला क्या जानी जाती 

२) 
मुन्नी की मम्मी के भाई 
दूर गगन में हैं परछाई 
चंदा से उनका हो वर्णन 
मम्मी बांधे राखी का बंधन 

३) 
दादी के जो दो हैं बेटे 
साथ एक घर में हैं रहते 
बड़े को तुम पापा बुलाते 
तो छोटे भला क्या कहलाते  

४)
तेरे पापा मेरे फूफा 
मेरी मम्मी तेरी मामी 
जिनको कहता हूँ मैं दादी
बताओ वह तेरी क्या कहलाती 

५) 
मेरी माँ की वह है बहना 
इस रिश्ते का क्या कहना 
वैसे वह माँ न कहलाती 
पर ममता वह माँ सी दिखाती 

६)
बुआ मेरी उनकी लगती है बेटी 
मेरे चाचा के वह पापा 
पापा भी कहते उनको पापा 
जीता वही जो नाम बताता 

७) 
मम्मी के भाई के पापा 
मामा के बच्चों के दादा 
पत्नी उनकी लगती नानी 
नाम बूझकर बनो ज्ञानी 

८) 
राखी से सजती है कलाई 
गर्व होता जब कहती वह भाई 
गोपी ने भी लाज निभाई 
शादी कर उसकी डोली उठाई 

  

उत्तर के लिए नीचे स्क्रोल करें:


१) नारी / महिला 
२) मामा 
३) चाचा 
४) नानी 
५) मौसी 
६) दादा 
७) नाना
८) बहन



--इति-- 



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रविवार, 18 अक्टूबर 2015

संबंध पहेली या नई निस्बतें

क्या आपको पहेलियाँ बूझने-बुझाने में आनंद मिलता है? बूझो तो जानें द्वारा मेरा उद्देश्य है कि मैं आपके सामने नयी-पुरानी हर तरह की पहेली प्रस्तुत करूँ। इन पहेलियों से हम सबका दिमागी कसरत भी हो और मनोरंजन भी।  

इस कड़ी में आज की चर्चा का विषय अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) द्वारा बनाई गयी निस्बतों पर आधारित नई निस्बतें। यदि निस्बतें आपके लिए एकदम नई प्रकार की पहेली हैं तो निस्बतों के बारे में जानने के लिए और खुसरो द्वारा रचित निस्बतों को बूझने के लिए निस्बतें या संबंध पहेली पोस्ट देखें। 


अरबी से आये 'निस्बत' शब्द का अर्थ है 'तुलनाया 'संबंध'। अंग्रेजी में कहें तो 'similar' या 'common'। निस्बत में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में एक प्रश्न पूछा जाता है। इनका उत्तर इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है। किसी भी शब्द के सामान्यतः कई अर्थ होते हैं। उस शब्द का अर्थ अथवा प्रयोग उन अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है। यही निस्बतों का आधार है।    

निस्बतें भी दो-सुखना की तरह शब्द-जाल पहेली है। पारम्परिक परिभाषा में इन्हें पहेली नहीं कह सकते हैं। चिस्तान की तरह मूलतः निस्बतें और दो-सुखना भी प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है। अंग्रेजी में निस्बत का समतुल्य 'what is the similarity between' वाले riddle प्रश्न हैं। 


खुसरो ने बहुत सारी निस्बतों की रचना की थी, पर बदले हुए समय में सब निस्बतें प्रासंगिक नहीं हैं। कारण यह है कि खुसरो की अधिकतर निस्बतें ऐसे शब्दों पर आधारित हैं जो आज प्रचलित नहीं हैं तो चलिए, निस्बत को समसामयिक बनाया जाय और खुसरो की परंपरा को अक्षुण्ण रखा जाय।  

हिंदी में आम बोलचाल की भाषा के अनुरूप, निस्बतों के मूल तत्त्व को बताने वाला सबसे उपयुक्त शब्द 'संबंध' है। इसीलिए, खुसरो की इस विधा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए हम निस्बतों को 'संबंध पहेली' भी कह सकते है। 

नीचे प्रस्तुत हैं कुछ नई निस्बतें। ज़रा बूझो तो जानें…  


१) मकान और क्रिकेट में क्या संबंध है?

२) बीमार और बंदूक में क्या संबंध है?


३) पेड़ और बैंक में क्या संबंध है? 
४) भारतीय कैलेंडर के एक महीने और पति के बड़े भाई में क्या संबंध है?

५) बड़े एवं आलीशान मकान और पश्चिम बंगाल में क्या संबंध है?

६) प्रश्न और दिशा में क्या संबंध है? 

७) माँ और चेचक (smallpox) में क्या संबंध है? 

८) पुलिस और मंदिर में क्या संबंध है? 

९) धान की खेती के ज़मीन और हाथ से बने कपड़े में क्या संबंध है? 

१०) अकड़ना और जकड़ना में क्या संबंध है? 

११) मन को आनंद पहुँचाने वाला और भगवान गणेश के चढ़ावे में क्या संबंध है? 

१२) बच्चे के जन्म के बाद उसके पहले उत्सव और माँ दुर्गा में क्या संबंध है? 

१३) क्रिकेट और लूडो में क्या संबंध है?
    
१४) बीते हुए समय और दिशा में क्या संबंध है? 

१५) पेड़ और ताश की गड्डी में क्या संबंध है?

१६) ऋण और फिरौती में क्या संबंध है?

अच्छा तो आप कितने संबंध पहेली बूझ पाये। चलिए, आपको इनका उत्तर बूझते हैं:

१) चौका। मकान में चौका (रसोईघर) होता है और क्रिकेट में चार रन को चौका कहते हैं।

२) गोली। बीमार को ठीक होने के लिए दवाई की गोली चाहिए; बंदूक को चलने के लिए गोली चाहिए।

३) शाखायें। पेड़ और बैंक दोनों की शाखायें होती हैं। 

४) जेठ।

५) बंगला।एक बड़े और आलीशान मकान को बंगला भी कहते हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्य भाषा का नाम भी 
बंगला है।

६) उत्तर। यदि प्रश्न पूछा है तो उसका जवाब या answer या उत्तर तो देना ही पड़ेगा; और उत्तर दिशा में ध्रुव तारा ही रात के समय आपको दिशा दिखाता है।  

७) माता। जैसे माँ का एक सम्बोधन माता है वैसे ही चेचक को एक समय में माता भी कहते थे। 

८) चौकी। पुलिस स्टेशन को भारत में चौकी कहते हैं; किसी मंदिर या साधु-संत की गद्दी को भी चौकी कहते हैं। 

९) खादर। 

१०) ऐंठ। यदि अकड़ में ऐंठ (arrogance /obstinacy) है तो जकड़ में भी ऐंठ (tightening, stiffness) है।  

११) मोदक। जो खुशी या खुशी का कारण बनता है उसे मोदक कहते हैं; और भगवान गणेश के चढ़ावे को भी मोदक (एक प्रकार का लड्डू) कहते हैं।

१२) षष्टी। 

१३) छक्का। दोनों में छक्का सबसे बड़ा अंक पाने के लिए होता है।क्रिकेट में बल्लेबाज़ छ रन मार सकता है और लूडो के पासे में चाल चलने के लिए छ आ सकता है।  
    
१४) पूर्व।  

१५) पत्ते। पेड़ में पत्ते होते हैं और ताश की गड्डी में भी चार अलग रंग के ५२ पत्ते होते हैं। 

१६) बंधक। बंधक (security) होगा तब ही ऋण मिलता है और किसीको बंधक (hostage) बनाने पर ही फिरौती मिलती है।


***

अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी निस्बत संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा। अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते पर भेजें - bujhotojaaneATgmailDOTcom   




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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015

संबंध पहेली या नए दो-सुखना

क्या आपको पहेलियाँ अच्छी लगती हैं? क्या आपको पहेलियों के उत्तर बूझने-बुझाने में आनंद मिलता है? बूझो तो जानें द्वारा मेरा उद्देश्य है कि आपका मनोरंजन भी हो, ज्ञानवर्द्धन भी और पहेली के माध्यम से किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता (problem solving aptitude) बढ़ाने करने में सहायक हो। 

इस कड़ी में आज की चर्चा का विषय दो-सुखना है। शायद आपका दो-सुखना से परिचय हो या फिर आप इनसे पहली बार मिल रहें हो! जो भी हो, जानिये इस अनोखी शब्द-जाल पहेली को और बूझिए इन पहेलियों के उत्तर!  

दो-सुखना में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। उनके बीच का संबंध या समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। चलिए, एक संकेत देता हूँ। इन दो वस्तुओं के बीच का संबंध एक शब्द है जो क्रिया के रूप में प्रयुक्त होता है जो उन दो अलग-अलग वस्तुओं के बीच का संबंध दिखाता है।     

अमीर खुसरो (१२५३ - १३२५) ने अनेक नयी विधाओं का आविष्कार किया जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। इन्हीं में पहेलीनुमा का एक शब्द-जाल है दो-सुखना। खुसरो के दो-सुखना के बारे में अधिक जानने के लिए अथवा खुसरो द्वारा रचित दो-सुखना बूझने के लिए दो-सुखना या संबंध पहेली पोस्ट देखें। 


दो-सुखना को पारम्परिक परिभाषा के आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः दो-सुखना प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है। जो भी हो, इन प्रश्नों में पारम्परिक पहेली जैसा ही आनंद है।

एक और बात। हिंदी में आम बोलचाल की भाषा के अनुरूप, दो-सुखना के मूल तत्त्व को बताने वाला सबसे उपयुक्त शब्द 'संबंध' है। इसीलिए, खुसरो की इस विधा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए हम दो-सुखना को 'संबंध पहेली' भी कह सकते है।

तो आइये, दो-सुखना पर आधारित समसामयिक संबंध पहेली बूझते हैं। मैं इन पहेली प्रश्नों के उत्तर नहीं दे रहा। ज़रा, बूझो तो जानें…  


१) फरमान क्यों न भेजी? हाथी क्यों न खरीदा?

२) छत किराये पर क्यों न चढ़ी? बारिश में क्यों भींगे?

३) घाव क्यों बढ़ा? अंडा क्यों न खाया?

४) ताश क्यों न खेली? चौकीदार क्यों न तैयार हुआ?

५) मंदिर में पूजा पूरी क्यों न हुई? खोमचेवाला क्यों न आया?

६) बाप बेटे से क्यों नाराज़? घर देखने में क्यों फीका?

७) नाँव क्यों न रोकी? धोबी ने कपड़े क्यों न धोये?

८) मकान क्यों गिरा? लड़का क्यों फेल हुआ?

९) तलवार क्यों न बनाई? स्कूल क्यों न चला?

१०) किवाड़ क्यों न बंद की? अनाज़ क्यों न तौला?

११) सड़क पर क्यों चले? रेल क्यों न आई?

***

कितने पहेली प्रश्नों के उत्तर बूझ पाए आप! चलिए आपको इन पहेलियों के उत्तर देता हूँ:

१) 'लाख' न था। फरमान बंद करने के लिए लाख नहीं था और हाथी खरीदने के लिए लाख रूपये नहीं थे।

२) 'बरसाती' न थी। छत पर कोई कमरा (बरसाती) नहीं थी और बारिश से बचने के लिए कोई बरसाती (raincoat) नहीं थी।

३) 'फोड़ा' न था। घाव इसलिए बढ़ा क्योंकि समय पर उसे फोड़ा नहीं था और अंडा इसलिए नहीं खाया क्योंकि उससे कुछ बनाने से पहले उसे फोड़ा नहीं था।

४) 'फेंटा' न था। ताश का खेल खेलने से पहले गड्डी को फेंटा नहीं था। चौकीदार इसलिए तैयार नहीं हुआ क्योंकि सिर पर साफा बांधने के लिए उसके फेंटा (कपडे का छोटा टुकड़ा) नहीं था।

५) 'फेरी' न थी। मंदिर में पूजा इसलिए पूरी न हुई क्योंकि पूजा के बाद मंदिर की परिक्रमा (फेरी; going round; circumambulation) नहीं की थी। खोमचेवाले के पास सामान रखने के लिए फेरी नहीं थी इसलिए वह नहीं आया।

६) 'पोता' न था। बाप अपने बेटे से इसलिए नाराज़ हुआ क्योंकि उसके लड़के का कोई लड़का (उसका पोता) नहीं था; और घर देखने में फीका लग रहा था क्योंकि उसे रंग से पोता नहीं था।

७) 'घाट' न था। नाँव रोकने के लिए नदी पर कोई घाट नहीं था और कपड़े धोने के लिए धोबी के पास भी कोई घाट नहीं था। 

८) 'बुनियाद' न थी। मकान बिना बुनियाद (foundation) के बनाई थी इसलिए गिर गयी और लड़का इसलिए फेल हुआ क्योंकि उसकी ज्ञान की बुनियाद (rudiments of knowledge) कमज़ोर थी।  

९) 'उस्ताद' न था। तलवार बनाने के लिए उस्ताद (master craftsman) नहीं था और स्कूल चलाने  उस्ताद (teacher) नहीं थे।   

१०) 'पल्ला' न था। किवाड़ के दो की जगह एक ही पल्ला था इसलिए वह बंद नहीं हो सकता था और अनाज़ इसलिए नहीं तौला जा सका क्योंकि तराज़ू का एक ही पल्ला था।  

११) पटरी न थी। सड़क पर चलने के लिए फूटपाथ या पटरी नहीं थी और रेलगाड़ी इसलिए नहीं आयी क्योंकि रेल की पटरी (railway line) नहीं थी।   

***

अच्छा लगा! तो अपने परिवार और मित्रों के बीच संबंध पहेली को प्रसारित करें। और आप भी संबंध पहेली बना कर लिख भेजें। आपके नाम सहित इसे बूझो तो जानें पर मैं प्रकाशित करूँगा। अपनी प्रतिक्रिया और पहेलियाँ इस पते पर भेजें: bujhotojaaneATgmailDOTcom   


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