मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

जोड़ में बेजोड़ ... २

बूझो तो जाने का एक शुरुआती पोस्ट जोड़ में बेजोड़ था. उस पोस्ट में जोड़ीदार शब्दों के बारे में लिखा था. हिंदी के कुछ ऐसे शब्द हैं जो एक-दूसरे से इस तरह जुड़ गये हैं कि उनका प्रयोग एक साथ होने लगा है. अब तो ऐसा लगता है कि वे एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं. जैसे - सुई-धागा, दिन-रात, सुख-दुःख।


इस बार भाषा से नहीं, वरन गणित की दुनिया से जोड़ में बेजोड़ का प्रश्न …  



आप अपने उत्तर bujhotojaane@gmail.com पर मेल कर सकते हैं.

   

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शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

जोड़ में बेजोड़  
कुछ शब्द एक-दूसरे से इस तरह जुड़ गये हैं कि उनका प्रयोग एक साथ होने लगा है. अब तो ऐसा लगता है कि वे एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं. जैसेकि:

सुई-धागा, दिन-रात, सुख-दुःख.

ऐसे शब्दों को जोड़ीदार शब्द भी कहते हैं. पर शब्द जोड़ीदार कैसे बनते हैं?

सामान्यतः एक-दूसरे के पूरक होने के कारण उनका प्रयोग एक-साथ होता है. सुई के बिना धागे का कोई महत्त्व नहीं है और धागा न हो तो सुई किस काम की?   

इसी तरह एक-दूसरे के पूरक होने के कारण कुछ विलोम शब्द भी जोड़ीदार शब्द बन गये हैं. जैसे कि दिन-रात और सुख-दुःख.

कुछ जोड़ीदार शब्द मानवीय या मानस पटल से जुड़े हुए है और एक साथ प्रसिद्द हुए हैं, जैसे राम-लक्ष्मण. सामान्यतः बड़ा या जिसके होने से ही दूसरा हुआ है वही पहले आता है. पर इसमें एक अपवाद, कृष्ण-बलराम. हालांकि बलराम कृष्ण से बड़े हैं, पर कृष्ण अधिक लोकप्रिय हुए, इसलिए उनका नाम पहले आता है.
   
तो, नीचे दिये शब्दों के जोड़ीदार शब्द खोजें क्या? 
दूध, खट्टा, रुपया, भूखी, खाना, कलम, रंग, धनुष, आना, गिल्ली

और इनका - 
नल, राहु, भरत, लव, राधा

या फिर अगर हम यह पूछें कि आमतौर पर प्रचलित इनका बड़ा जोड़ीदार शब्द क्या है: 
महाभारत, सर्वनाम, बीरबल, राम  

उत्तर के लिये नीचे स्क्रोल करें:  

१) दूध-दही, खट्टा-मीठा, रुपया-पैसा, भूखी-प्यासी, खाना-पीना, कलम-दवात, रंग-रूप, धनुष-बाण, आना-जाना, गिल्ली-डंडा

२) नल-नील, राहु-केतु, भरत-शत्रुघ्न, लव-कुश, राधा-कृष्ण

३) रामायण-महाभारत, संज्ञा-सर्वनाम, अकबर-बीरबल, सीता-राम  

 

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